आकाश का रंग नीला क्यों दिखाई देता है | Why does the color of the sky appear blue
साफ आसमान प्राय: नीला दिखाई पड़ता है, क्यों?
![]() |
| आकाश का रंग नीला क्यों |
आखिर क्यों :-
धरती के चारों ओर वायुमंडल यानी हवा है। इसमें कई तरह की गैसों के मॉलीक्योंल और पानी की बूंदें या भाप है। गैसों में सबसे ज्यादा करीब 78 फीसद नाइट्रोजन है और करीब 21 फीसद ऑक्सीजन। इसके अलावा ऑरगन गैस और पानी है। इसमें धूल, राख और समुद्री पानी से उठा नमक वगैरह है और जब सूर्य से आने वाला प्रकाश पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करता है तो हमें अपने आसमान का रंग इन्हीं चीजों की वजह से आसमानी लगता है।
![]() |
| आकाश का रंग नीला क्यों |
आकाश नीला क्यों :-
दरअसल हम जिसे रंग कहते हैं वह रोशनी है। रोशनी वेव्स या तरंगों में चलती है। हवा में मौजूद चीजें इन वेव्स को रोकती हैं। जो लम्बी वेव्स हैं उनमें रुकावट कम आती है। वे धूल के कणों से बड़ी होती हैं। यानी रोशनी की लाल, पीली और नारंगी तरंगें नजर नहीं आती। पर छोटी तरंगों को गैस या धूल के कण रोकते हैं। और यह रोशनी टकराकर चारों ओर फैलती है। रोशनी के वर्णक्रम या स्पेक्ट्रम में नीला रंग छोटी तरंगों में चलता है। यही नीला रंग जब फैलता है तो वह आसमान का रंग लगता है की नीला है |
mmRahuls Blog gg


Post a Comment